कौन है वो राक्षस जिसने देवताओ के पुरे साम्राज्य को तहस नहस कर दिया ,और उन्हें जमीन पर लाकर पटक दिया , लेकिन फिर भी उस कोई मिटा नहीं पाया नहीं कोई हरा पाया ,कौन है वो सर्वकालिक सबसे सक्तिशाली राक्षस जिसके सामने सरे देवता थार थार कापते है वो रावण से भी महान है और महिसाषुर से कही जायद शक्तिशाली है उसके अस्त्र और सशत्र इतने शक्तिशाली है की देवतावो का उनके सामने खड़ा होना असम्भव है ,उनके चमक से पूरा ब्रमाण्ड प्रकाशित होता है ,उनके सामने सारे औतार सारे देवता हार बैठे है ,उस राक्षस की शक्ति ऐसी की उसे समाप्त करने के लिए कोई भी औतार जन्म नहीं ले पाया देवताओ के सरे प्रयत्न बिफल रहे ,उसने देवताओ के सारे साम्राज्य को हमेसा हमेशा के लिए समाप्त कर दिया और देवताओ को साधारण मनुष्य बना दिया क्या आप जानते है उस महान अशूर को ?
नही जानते तो आज जान लीजिये वो महान और सर्वशक्ति साली अशूर कोई और नहीं बल्कि भीम राव यानि बाबा साहब आंबेडकर थे ,
महिलाओ को दलितों को और समाज के कमजोर वर्ग के मशीहा मनुवादियो के लिए सबसे बड़े राक्षस थे ,ऐसे राक्षस जिसने मनुवादियो के हजारो शालो पुराना साम्राज्य को नष्ट कर दिया जिसे हराने के लिए कोई देवता या औतार जन्म नहीं ले पाया ,
बाबा साहब ने महिलावो मनुवादियो के चंगुल से आजाद करवाया और उन्हें इजात के हक़ दिलवाये ,बाबा साहब ने शुद्रो को देवतावो के बराबर हक़ दिलवाया और उन्हें एहसास करवाया की वे भी इन्शान है ,बाबा साहब ने मजदूरो को पूंजीवादियों के चंगुल से आजाद करवाया और उन्हें सामन दिलवाया ,बाबा साहब ने अपने सस्त्र संविधान से सारे देवताओ को नस्ट कर दिया और उन्हें सामान मानुष बना दिया ,
मनुवादी बाबा साहब को न तो महिषा शुर बना के मिटा सके न तो रावण बना के दफ़न कर सके ,
जड़ा कल्पना कीजिये की बाबा साहब का जन्म हजार दो हजार साल पहले हुवा होता तो क्या होता ?
मनुवादी उन्हें सबसे बड़ा राक्षस बना दिए होते और आज हम सब रावण की तरह ही उन्हें जला रहे होते या फिर महीसा शुर की तरह उनकी मौत का जश्न मना रहे होते ,और कोई नया औतार होता जिसकी हम मूर्खो की तहत पूजा कर रहे होते , बाबा साहब को मिटने की ख़ुशी में ,
बाबा साहब की सबसे बड़े राक्षस है मनुवादियो के लिए ,पहले जिन्होंने भी मनुवादियो के कुरु शासन का विरोध किया और आवाज उठाई तो मनुवादियो ने उसे राक्षस घोसित कर के समाप्त कर दिया ,और लोगो के दिलो में उसके प्रति नफरत भर दी , रावण को बुराई का प्रतीक बताकर मिटा दिया गया और महिषाषुर को शैतान बता कर समाप्त कर दिया गया ,
मन में आज भी वो लोग बाबा साहब को अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानते है और जब तक अपना आक्रोश निकलते रहते है , कभी समानता के महान शास्त्र संविधान के के खिलाफ आवाज बुलंद कर के ,कभी बाबा साहब के गालिया देकर ,कभी उनकी मूर्ति को तोड़ कर अपनी भड़ास निकलते रहते है ,
वो जितना ही बाबा साहब पे हमला करने की कोशिस करते है बाबा साहब की शक्ति और भी बढ़ती जाती है बाबा साहब के लिए दबे कुचले लोगो के दिलो में उतना ही प्यार बढ़ता जाता है ,
अब मनुवादी बाबा साहब को राक्षस घोसित कर के मिटा नहीं सकते चाहे कितना भी कोशिस कर ले या कितना भी गालिया दे दे चाहे कितनी भी नफर क्या ना करे ,
बाबा साहब ने मनुवादियो के हजारो सालो पुराना साम्राज्य को तहस नहस कर के अपने शास्त्र संविधान से सम्पूर्ण भारत पे कब्ज़ा कर लिया
फिर मिलेंगे एक नयी कहानी के साथ आप का दोस्त अरुण गौतम
लोगो के आंखों पे नफरत की बधी पट्टी को हटाकर व धर्मिक अंधेरों से निकालकर इंसानियत की रोशनी में लाना ही उद्दश्य है
क्या आप जानते है सबसे बड़ा राक्षस कौन है
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जय भीम 🙏
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